बिजली दरों में पांचवीं बार बढ़ोत्तरी पर कांग्रेस का हमला, मोहन मरकाम बोले- 'जनता पर अत्याचार'

बिजली बिल से परेशान जनता पर 'अत्याचार'! कांग्रेस ने पांचवीं बार दर बढ़ाने का किया विरोध

र्व मंत्री मोहन मरकाम और कांग्रेस नेता जगदलपुर के राजीव भवन में बिजली दर बढ़ोतरी के विरोध में प्रेसवार्ता करते हुए
जगदलपुर | बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में पांचवीं बार वृद्धि का विरोध किया। पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने सरकार पर जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया।

जगदलपुर, 19 जून 2026। आम जनता पहले से ही महंगाई और बढ़ते बिजली बिलों से त्रस्त है, और इस बीच भाजपा सरकार ने पांचवीं बार बिजली दरों में बढ़ोत्तरी कर दी है। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने इस फैसले को "जनता पर अत्याचार" बताते हुए पुरजोर विरोध जताया है। गुरूवार को राजीव भवन, जगदलपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि "भाजपा से सरकार नहीं संभल रही, वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम कर रही है।"

🔴 कितनी बढ़ी बिजली?

पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने बताया कि इस बार:

  • घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की गई है।

  • गैर-घरेलू (व्यावसायिक) उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है।

  • किसानों को भी नहीं बख्शा गया और कृषि पंपों की बिजली दर 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दी गई है।

इससे पहले ही सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (MPPPS) लागू कर बिजली महंगी कर दी थी। यानी, पिछले कुछ ही समय में बिजली के दाम कई चरणों में बढ़ चुके हैं।

📈 400 यूनिट हाफ बिल योजना बंद, जनता पर तिगुना बोझ

मोहन मरकाम ने कांग्रेस शासनकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि "कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट बिजली दर बढ़ाई थी, वह भी 400 यूनिट तक हाफ बिल योजना के साथ।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने यह राहत योजना बंद कर दी और उसके बाद लगातार पांच बार दरें बढ़ाईं, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।

🔍 स्मार्ट मीटर पर सवाल, 'लूट' के आरोप

सबसे गंभीर आरोप पूर्व मंत्री ने स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए। उन्होंने कहा कि "स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर से कहीं तेज चल रहे हैं।" इसके कारण:

  • उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखाई जा रही है।

  • बिना उपभोक्ता की सहमति के अनुबंध भार (संपर्क भार) बढ़ा दिया जा रहा है।

  • एग्रीमेंट से अधिक खपत का हवाला देकर अर्थदंड जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।

मरकाम ने बताया कि जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिल औसत से तीन गुना आया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार ने ही स्मार्ट मीटर वापस लेने का फैसला किया है, तो छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में यह कदम उठाना चाहिए।

🗣️ जनता परेशान, सरकार बेखबर

प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री ने कहा, "जनता बिजली कटौती से परेशान है, 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही, और ऊपर से रिकॉर्ड बिल भेजे जा रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग एक ही माह में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेज रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

इस दौरान शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित प्रेसवार्ता में ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, रविशंकर तिवारी, महामंत्री प्रशांत जैन, अल्ताफ उल्ला खान, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, वेंकट राव, रोजविन दास, लता निषाद, लखेश्वर कश्यप, एस नीला सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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