बस्तर में स्वच्छता का नया उजाला: गांव-गांव में छेड़ा गया कचरा प्रबंधन अभियान, चार डिब्बे-चार रंग से बदलेगी तस्वीर
जगदलपुर, 23 जून 2026 — बस्तर जिले को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों ने एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है। पूरे देश में 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले की ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।📢 गांव-गांव में जागरूकता की लहर
यह अभियान अब आड़ावाल, चेराकुर, बुरुन्दवाड़ा, बिलोरी और हल्बा कचोरा सहित कई गांवों में जोरों पर है। यहाँ ग्राम पंचायत भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और हाट-बाजारों में दीवार लेखन और ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
दीवारों पर लिखे गए आकर्षक नारे – "चार डिब्बा चार रंग, स्वच्छता का नया उमंग" और "हरा, नीला, लाल और काला (या पीला), यही है स्वच्छता का उजाला" – ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं।
🗑️ चार डिब्बे, चार रंग: समझें कचरा अलग करने का सही तरीका
इस पहल के तहत ग्रामीणों को घरों से ही कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बाँटकर डस्टबिन में डालने की विस्तृत जानकारी दी जा रही है:
| रंग | कचरे का प्रकार | उदाहरण |
|---|---|---|
| 🟢 हरा | गीला कचरा (Wet Waste) | रसोई का कचरा, फल-सब्जी के छिलके, बासी भोजन |
| 🔵 नीला | सूखा कचरा (Dry Waste) | कागज, प्लास्टिक, गत्ता, कांच, बोतलें |
| 🔴 लाल | सैनिटरी अपशिष्ट (Sanitary Waste) | सैनिटरी पैड, डायपर, मेडिकल वेस्ट, ब्लेड |
| 🟡 पीला | ई-वेस्ट (Hazardous Waste) | खराब बल्ब, ट्यूबलाइट, मोबाइल, चार्जर |
👩🌾 स्वच्छता दीदियों की भूमिका
इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए स्वच्छता दीदियाँ, महिला स्व-सहायता समूह और पंचायत प्रतिनिधि खुद घर-घर पहुँचकर लोगों को कचरा अलग करने की पूरी प्रक्रिया बारीकी से समझा रहे हैं।
🧾 शुल्क, जुर्माना और नियमित कचरा संग्रहण
इस अभियान के साथ-साथ हर घर, दुकान, होटल, स्कूल और बाजार से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाएगा और इसके बदले स्वच्छता शुल्क का नियमित संग्रह होगा।
⚠️ सख्त चेतावनी: सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नालियों या सूखे स्थानों पर कचरा फेंकने या जल स्रोतों के पास गंदगी फैलाने पर तत्काल जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
🌍 पर्यावरण दिवस पर दो गाँवों ने रचा इतिहास
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर बुरुन्दवाड़ा और बिलोरी पंचायतों ने एक बड़ी मिसाल पेश की। दोनों पंचायतों ने विशेष ग्राम सभा आयोजित कर:
✅ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को पूरी तरह अपनाने का संकल्प लिया।
✅ सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया।
✅ अपने गाँवों को "प्लास्टिक-मुक्त गाँव" बनाने की हरित क्रांति की शुरुआत की।
🤝 जिला प्रशासन की अपील
इस सफल प्रयास को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से पृथक्करण सुनिश्चित करें, ताकि कचरे का सही निपटान कर स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित गाँवों का निर्माण किया जा सके।
🔥 हाइलाइट्स
✅ 1 अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का बस्तर में व्यापक क्रियान्वयन।
✅ चार रंग-चार डिब्बे (हरा, नीला, लाल, पीला) के माध्यम से कचरा पृथक्करण।
✅ स्वच्छता दीदियों और स्व-सहायता समूहों ने घर-घर पहुँचकर दी जानकारी।
✅ स्वच्छता शुल्क और जुर्माने की व्यवस्था लागू।
✅ बुरुन्दवाड़ा और बिलोरी ने लिया "प्लास्टिक-मुक्त गाँव" बनाने का संकल्प।
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