तेंदुआ-भालू बचाने बस्तर में शुरू हुआ अनोखा अभियान: खुले कुओं पर लगेंगी सुरक्षा जालियाँ
![]() |
| "यह कुआँ कभी तेंदुओं और भालुओं के लिए मौत का जाल हुआ करता था। आज इसी पर लोहे की जाली लग गई है। बस्तर वन विभाग की इस छोटी सी कोशिश से अब कई अनमोल जानें बच सकेंगी। |
बस्तर के जंगलों में एक दिल छू लेने वाली पहल शुरू हुई है। यहाँ वन विभाग ने उन खतरनाक खुले कुओं को सुरक्षित करने का बीड़ा उठाया है, जो अब तक कई तेंदुओं, भालुओं और हिरणों के लिए मौत का जाल बने हुए थे।
आखिर समस्या क्या थी?
बस्तर के घने जंगलों और आसपास के गाँवों में बहुत सारे पुराने, खुले और बिना मेड़ वाले कुएँ पड़े हैं। प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते जानवर अक्सर रात के अंधेरे में इन कुओं में गिर जाते थे। कई बार तो उनकी मौत हो जाती थी, तो कई बार गंभीर रूप से घायल हो जाते थे। ये कुएँ सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि गाँव के बच्चों और मवेशियों के लिए भी उतने ही खतरनाक थे।
अब क्या होगा?
अब वन विभाग ने इन "मौत के कुओं" को सुरक्षित घर में बदलने का फैसला किया है। एक विशेष अभियान चलाकर जंगलों के पास के 29 सबसे खतरनाक कुओं को पहचाना गया है। अब इनके चारों ओर पक्की मेड़ (पैरापेट वॉल) बनाई जाएगी और ऊपर लोहे की मजबूत जालियाँ लगाई जाएंगी।
बारिश से पहले इस अभियान को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जब मानसून आए तो न तो जानवर फिसलें और न ही पानी से कोई और मुसीबत खड़ी हो।
यह पहल क्यों है खास?
यह अभियान दो तरह से जीवन बचाने वाला है:
जानवरों के लिए: तेंदुआ, भालू, हिरण, सांभर जैसे वन्यजीव अब इन कुओं में नहीं गिरेंगे। बस्तर की जैव-विविधता (Bio-Diversity) सुरक्षित रहेगी।
ग्रामीणों के लिए: अब जंगल के आसपास रहने वाले लोग भी निश्चिंत होंगे। उनके बच्चे और मवेशी भी इन खुले कुओं से दूर रहेंगे।
अधिकारियों ने क्या कहा?
इस पहल के पीछे के मास्टरमाइंड का कहना है कि वन्यजीव हमारी प्राकृतिक विरासत का हिस्सा हैं, और उनकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि अगर उनके इलाके में कोई खुला और खतरनाक कुआ है, तो वे नज़दीकी वन कार्यालय को इसकी सूचना जरूर दें।
इस अभियान को कौन लेकर चल रहा है?
इस अभियान को जगदलपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (CCF) आलोक तिवारी के मार्गदर्शन और बस्तर वनमंडलाधिकारी (DFO) उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। पूरे अभियान पर उप-वनमंडलाधिकारी और परिक्षेत्र अधिकारी प्रत्यक्ष निगरानी रख रहे हैं।
📰 यह भी पढ़ें (बस्तर की अन्य खबरें)
📰 बस्तर की अन्य बड़ी खबरें
खेल-कूद, कंबल और स्कूल बैग बांटे, हजारों ग्रामीण हुए शामिल। साइबर जागरूकता भी की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली इस परिवार की जिंदगी, बारिश और सीलन से अब नहीं है कोई डर।
बस्तर वन विभाग ने 29 संवेदनशील कुओं पर लोहे की जाली लगाने का अभियान शुरू किया।
🔗 समग्र विश्व डॉट कॉम | ताजा अपडेट के लिए बने रहें
