अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस: शहीद महेंद्र कर्मा विवि में व्याख्यान, संग्रहालय अनेकता को जोड़ने का काम करता है- सरबजीत

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विश्वविद्यालय में व्याख्यान का आयोजन

जगदलपुर। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान एवं जनजातीय अध्ययनशाला में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता एवं जोनल एंथ्रोपोलोजिकल म्यूजियम, जगदलपुर के असिस्टेंट कीपर सरबजीत सिंह ने कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं को रखने की जगह नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने वाला सेतु है।

सरबजीत सिंह शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर मानव विज्ञान अध्ययनशाला में व्याख्यान देते हुए
जोनल एंथ्रोपोलोजिकल म्यूजियम, जगदलपुर के असिस्टेंट कीपर सरबजीत सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान के दौरान संग्रहालय को सांस्कृतिक सेतु बताते हुए।

“संग्रहालय सांस्कृतिक अध्ययन की प्रयोगशाला है। यह अतीत का आईना होता है और विभिन्न परंपराओं के बीच संवाद स्थापित करता है।” – सरबजीत सिंह

उन्होंने कहा कि जब हम किसी संस्कृति को सीखते हैं, तो उसके प्रति सम्मान अपने आप पैदा होता है। उन्होंने बताया कि बस्तर की अनूठी संस्कृति को संरक्षित करने में जोनल एंथ्रोपोलोजिकल केंद्र 1972 से जुटा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ही यह संस्कृति आज भी जीवित है।

लोकगीतों और कथाओं के संरक्षण पर जोर

सरबजीत सिंह ने कहा कि स्थानीय लोकगीत और लोककथाएं इतिहास की वे कहानियां बताती हैं, जो किताबों में नहीं मिलतीं। इनका अध्ययन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने इंडियन म्यूजियम, नेशनल म्यूजियम, आईजीआरएमएस और जगदलपुर स्थित जोनल एंथ्रोपोलोजिकल म्यूजियम की स्थापना के उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।

इस वर्ष की थीम “Museums Uniting a Divided World” (संग्रहालय – एक बँटी दुनिया को जोड़ने का काम) पर केंद्रित इस व्याख्यान में विभागाध्यक्ष डॉ. सुकृता तिर्की ने कहा कि संग्रहालय भ्रमण के दौरान प्रदर्शित विरासतों के उद्देश्य को गहराई से समझना चाहिए। संचालन डॉ. शारदा देवांगन ने किया। इस अवसर पर डॉ. लखन लाल विश्वकर्मा, डॉ. प्रकाश और विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग का छात्रों ने किया तिरिया पर्यटन स्थल का भ्रमण

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर के भूगोल अध्ययनशाला के एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र तिरिया पर्यटन स्थल पर शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बैनर के साथ खड़े हुए
भूगोल अध्ययनशाला के विद्यार्थी तिरिया पर्यटन स्थल पर साबरी नदी के डेल्टा और वितरिका का अध्ययन करने के बाद सामूहिक रूप से बैनर के साथ।

वहीं, विश्वविद्यालय की भूगोल अध्ययनशाला के एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने बुधवार को तिरिया पर्यटन स्थल का भौगोलिक अध्ययन दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य छात्रों को साबरी नदी और गणेश बहार नाला के संगम पर बने वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी) एवं डेल्टा जैसे जटिल भौगोलिक स्वरूपों का व्यावहारिक ज्ञान देना था।

इसके अलावा छात्रों ने देवल देवड़ा शिव मंदिर के दर्शन भी किए। प्रो. एम.एस. मिश्रा के निर्देशन और डॉ. राकेश कुमार खरवार के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन दल में रचना, योगेश, अनामिका, शारदा, अनिशा, कौशल्या, प्रियंका, ललिता, फूलमती, आसमती, रंजीता, सतीश और गोविंद शामिल रहे।


basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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