✅ बस्तर अब शांति और नवाचार का गढ़, राज्यपाल बोले – युवा बनें नौकरी देने वाले, ट्राइबल इनोवेशन हब की उड़ान
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| जगदलपुर। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित 'इनोवेशन महाकुंभ 1.0' के मंच पर राज्यपाल मेन डेका, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और महापौर संजय पांडेय मौजूद रहे। |
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर अब शांति और विश्वास का गढ़ बन चुका है। यहाँ की युवा पीढ़ी अब नौकरी ढूंढने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनेगी। उन्होंने बस्तर को ट्राइबल इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने यह बातें शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ और बाद में कलेक्टोरेट जगदलपुर में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
🌿 प्राकृतिक संसाधनों के साथ आदिवासी कला और पर्यटन की अपार संभावनाएं
राज्यपाल ने कहा, "बस्तर में महुआ, इमली, तेंदूपत्ता, रेशम जैसे प्राकृतिक संसाधनों के साथ आदिवासी कला, संस्कृति और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।" उन्होंने कच्चा माल बेचने के बजाय स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (value addition) कर आर्थिक सशक्तिकरण की आवश्यकता बताई।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी इस मौके पर कहा, "बस्तर की हुनर, कला, खानपान और वनधन को संरक्षण के साथ रोजगार से जोड़ना होगा।"
🚀 इनोवेशन महाकुंभ 1.0: ‘ज्ञान से व्यवसाय’ का मॉडल
राज्यपाल ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए ‘ज्ञान से व्यवसाय’ मॉडल की सराहना की, जो छात्रों के विचारों को स्टार्टअप में बदल रहा है। उन्होंने युवाओं को ‘सीखो, लागू करो, नया सोचो, कमाओ’ का मंत्र दिया।
कार्यक्रम में इनोवेशन एण्ड स्टार्टअप कंपेडियम का विमोचन हुआ और पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती को सम्मानित किया गया। साथ ही सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडेय, बस्तर राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव, कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
💧 जल संरक्षण, कोसा उद्योग और महिला सशक्तिकरण पर जोर
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| इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के दौरान सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं, युवाओं, प्राध्यापकों एवं अधिकारियों का जनसैलाब। बस्तर के युवाओं में स्टार्टअप और नवाचार को लेकर अपार उत्साह देखा गया। |
अधिकारियों की बैठक में राज्यपाल ने कहा, "जल संरक्षण के लिए जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएं और एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर जनसहभागिता से उनकी देखभाल की जाए।"
उन्होंने कोसा वस्त्र के डिजाइन में बदलाव कर मूल्य संवर्धन का निर्देश दिया। साथ ही महिला स्व सहायता समूहों को मशरूम, अदरक, हल्दी, बकरीपालन, मछलीपालन से जोड़ते हुए अलग-अलग सीजन के उत्पाद बनाकर बाजार तक पहुंचाने की बात कही।
📚 ड्रॉप आउट बच्चों, स्वास्थ्य और टीबी उन्मूलन पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने कहा, "जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं, उन्हें सामुदायिक प्रयासों से मुख्यधारा से जोड़ा जाए।" उन्होंने निक्षय मित्र कार्यक्रम की सराहना करते हुए टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। कलेक्टोरेट परिसर में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से फूड बास्केट, मोतियाबिंद मरीजों को चश्मा आदि का वितरण भी किया गया।
📱 तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से वैश्विक बाजार तक पहुंच
राज्यपाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, "आज मोबाइल फोन ही सबसे बड़ा बाजार है। व्हाट्सएप बिजनेस, इंस्टाग्राम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बस्तर के उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।"
उन्होंने जोखिम लेने, असफलता से सीखने और निरंतर नवाचार करने का संदेश दिया।
🎯 क्या होगा अब?
राज्यपाल ने सभी विभागों और समाज के हर वर्ग से बस्तर को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। बैठक में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, एसपी श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तर में अब शांति स्थापित हो चुकी है – अब बारी है नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के साथ विकास की नई इबारत लिखने की।

