ककनार घाटी में थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न

ककनार घाटी में थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न – विकास की नई इबारत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री किरण देव, मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने बस्तर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा को हरी झंडी दिखाते हुए ककनार घाटी में विकास का शुभारंभ किया
ककनार घाटी में लाल आतंक थमने के बाद विकास की ऐतिहासिक तस्वीर। गत वर्ष बस्तर दशहरा के दौरान बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मासांसद महेश कश्यप, मंत्री केदार कश्यप और किरण देव  ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस बस सेवा ने ककनार घाटी के नीचे बसे कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जैसे माओवाद प्रभावित गांवों को मुख्यधारा से जोड़ दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह दशकों पुराने सपने के साकार होने का क्षण है।

जगदलपुर (छत्तीसगढ़)। बस्तर की दुर्गम पहाड़ियों और ककनार घाटी की गहराई में एक नई सुबह आई है। कभी जहाँ लाल आतंक के नाम से दहशत थी, वहाँ अब स्कूली बच्चों की किलकारियाँ और बस के हॉर्न की आवाज़ गूंजती है। कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जैसे गाँव, जो दशकों तक विकास से कटे रहे, अब मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं।

विकास पर था अवरोध:
यह इलाका भौगोलिक रूप से अत्यंत विषम है। घाटी की ढलान और सुरक्षा की चुनौतियों के कारण यहाँ पक्की सड़क तक बनाना कभी सपना था। लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने से अब विकास के रास्ते खुल गए हैं।

बस सेवा की शुरुआत:
बीते 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस योजना का शुभारंभ किया था। अब जिले में चार चयनित मार्गों पर बस सेवा नियमित रूप से चल रही है।

समय-सारणी और रूट:
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार, बस कोण्डागांव जिले के मर्दापाल से चलकर धरमाबेड़ा, ककनार होते हुए संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचती है।

लोगों की राह हुई आसान:

  • तुलाराम नाग (सरपंच, चंदेला): "दो साल पहले तक यहाँ माओवाद के चलते विकास थमी हुई थी। अब सड़क बनने से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और उचित मूल्य की दुकानें सुलभ हो गई हैं।"

  • बलीराम बघेल (सरपंच, ककनार): "पहले तहसील लोहण्डीगुड़ा जाना मुश्किल था। अब बारहमासी सड़क मिलने से साप्ताहिक बाजार में रौनक है और लोगों का आना-जाना निरंतर जारी है।"

एक प्रतीकात्मक बदलाव:
यह बस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की कड़ी है। यह घाटी की ऊंचाइयों से उतरकर हर ग्रामीण के घर तक शासन की योजनाओं का संदेश पहुँचा रही है। बस्तर का यह हिस्सा, जो कभी अंधेरे में खोया हुआ माना जाता था, अब पूरी रफ्तार से प्रगति की राह पर है।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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