छत्तीसगढ़: सहकारी कर्मचारियों की 4 सूत्रीय मांगों पर मंत्री का आश्वासन

छत्तीसगढ़: सहकारी कर्मचारियों का सहकारिता मंत्री को ज्ञापन, 4 सूत्रीय मांगों पर मिला आश्वासन

"सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से मिलता कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल।"
रायपुर। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और समर्थन मूल्य धान ऑपरेटर महासंघ सहित प्रदेश की विभिन्न समितियों के कर्मचारियों ने गत माह किए गए ऐतिहासिक आंदोलन के बाद अब अपनी लंबित मांगों को लेकर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की।

प्रदेश भर के कर्मचारियों ने पिछले महीने 4 सूत्रीय मांगों को लेकर 19 दिनों तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाया था। यह आंदोलन सहकारी इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किया गया था। हालाँकि, छत्तीसगढ़ शासन के आश्वासन और किसानों के हित को देखते हुए कर्मचारियों ने धान खरीदी कार्य में वापसी कर सफलतापूर्वक खरीदी संपन्न कराई थी।

मंत्री से मुलाकात और चर्चा

भारतीय जनता पार्टी के रायपुर कार्यालय (कुषा भाऊ ठाकरे कार्यालय) के प्रमुख अशोक बजाज के नेतृत्व में 13 फरवरी को सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की चौपाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर लंबी चर्चा की और सरकार द्वारा दिए गए पिछले आश्वासन को याद दिलाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा।

ये हैं मुख्य मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान निम्नलिखित 4 सूत्रीय मांगों पर जोर दिया:

  1. वेतन और अनुदान: धान खरीदी में लगे ऑपरेटरों को 12 माह का वेतन दिए जाने, वर्ष 2023-24, 24-25, 25-26 के शून्य शॉर्टेज प्रोत्साहन राशि एवं मध्य प्रदेश सरकार की भांति 3-3 लाख रुपये प्रबंधकीय व्यय अनुदान देने की मांग। सरकार द्वारा गठित अंतरविभागीय समिति के निर्णय को मार्च 2026 के बजट में शामिल कर शीघ्र लागू किया जाए।

  2. भर्ती प्रक्रिया: जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 50% समिति कर्मचारियों से समिति प्रबंधक की भर्ती सुनिश्चित की जाए।

  3. कार्रवाई वापसी: पिछले आंदोलन के दौरान सैकड़ों कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर, बर्खास्तगी और निलंबन जैसी कार्रवाइयों को वापस लिया जाए। कुछ कर्मचारियों ने न्यायालय से राहत पाई है, जबकि अधिकांश मामले न्यायालय में लंबित हैं। सभी को संवैधानिक बहाली का लाभ दिया जाए।

  4. समितियों का संचालन: धान उठाव न होने से मार्कफेड द्वारा कमीशन काटे जाने के कारण प्रदेश की आधी से अधिक सहकारी समितियाँ संकट में हैं और कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिल पाया है। इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

मंत्री का आश्वासन

माननीय सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कर्मचारियों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। इस बैठक में प्रमुख रूप से अशोक बजाज की सकारात्मक भूमिका रही। कर्मचारियों ने कहा कि "सहकार से समृद्धि" की भावना से यह आंदोलन किया गया था, क्योंकि समितियाँ किसानों की हैं और यदि समितियाँ बंद हुईं तो किसानों को सबसे अधिक नुकसान होगा।

उपस्थित कर्मचारीगण

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास (राजनांदगांव), कंप्यूटर ऑपरेटर अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे, महासचिव, संरक्षक, विभिन्न जिलों के अध्यक्षगण सहित वे कर्मचारी भी शामिल हुए जिन पर निलंबन और एफआईआर की कार्रवाई हुई है।

यह जानकारी धमतरी जिला कार्यवाहक अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष (धमतरी) नरेंद्र कुमार साहू ने दी।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

Post a Comment

Previous Post Next Post