कालीपुर पंचायत में सरपंच की भूमिका पर सवाल, ग्रामीणों के संकेत—देवर की भी रहती है भूमिका
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| कालीपुर ग्राम पंचायत भवन। |
मैदान पर की गई पड़ताल के दौरान यह देखा गया कि ग्रामीण इस विषय पर खुलकर बोलने से बचते नजर आए। हालांकि, बातचीत में कई लोगों ने घुमाफिराकर संकेत दिया कि पंचायत के कार्यों में सरपंच के परिजन, विशेषकर उनके देवर खगेश भोयर की भूमिका रहती है।
चुनाव में पराजित प्रत्याशी ने भी सीधे तौर पर स्पष्ट बयान देने से परहेज किया, लेकिन बातचीत में यह संकेत दिया कि पंचायत के कार्यों के संचालन में खगेश भोयर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, ग्रामीणों की राय इस मुद्दे पर पूरी तरह एक जैसी नहीं दिखी। कुछ लोगों का कहना है कि सरपंच स्वयं भी बैठकों में शामिल होती हैं और पंचायत कार्यों में उनकी उपस्थिति रहती है।
जानकारी के अनुसार, खगेश भोयर पूर्व में सरपंच रह चुके हैं और अनुभव के आधार पर पंचायत कार्यों में सहयोग करते हैं। इस कारण स्थानीय स्तर पर उनकी भूमिका को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चा देखने को मिल रही है।
इस संबंध में जब सरपंच सरिता भोयर से फोन पर बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि वह स्वयं ग्रामसभा और पंचायत कार्यों में भाग लेती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके देवर केवल सहयोग करते हैं। उनका कहना था कि “यदि मैं उपस्थित नहीं रहती, तो कार्य कैसे होते?”
गौरतलब है कि कुछ बैठक विवरणों में भी खगेश भोयर की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इस पूरे मामले में अब पंचायत सचिव, उपसरपंच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लिया जाना बाकी है, जिससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
“यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक पुष्टि प्राप्त होने पर इसे अपडेट किया जाएगा।”
