छत्तीसगढ़ मॉडल: महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही राज्य की योजनाएं - रक्षा खडसे | Bastar News

छत्तीसगढ़ मॉडल दे रहा महिला सशक्तिकरण को नई दिशा: केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे

नई दिल्ली/जगदलपुर। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने बुधवार को बस्तर जिले का दौरा कर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ मॉडल आज पूरे देश में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे रहा है।

रक्षा खडसे ने बस्तर में महिला स्व-सहायता समूह का दौरा किया
केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे बस्तर के ग्राम चिलकुटी में पारंपरिक ढोकरा शिल्प (लॉस्ट वैक्स तकनीक) को निकट से देखती हुई।

जगदलपुर के तुरेनार स्थित छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत ग्रोथ सेंटर और प्रगति महिला स्व-सहायता समूह के स्टॉल्स का दौरा करते हुए श्रीमती खडसे ने स्थानीय उत्पादों और महिला उद्यमिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की अग्रदूत भी बन रही हैं।

‘महतारी वंदन और लखपति दीदी जैसी योजनाएं बदल रही जीवन’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संचालित महतारी वंदन योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री, रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों का निर्माण और लखपति दीदी योजना ने महिलाओं के लिए आय के नए अवसरों के द्वार खोले हैं।

उन्होंने कहा, “स्व-सहायता समूहों द्वारा रेडी टू ईट उत्पादों का निर्माण, पोषण सुरक्षा और रोजगार सृजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह ‘नारी शक्ति’ के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक सशक्त कदम है।”

ढोकरा शिल्प: सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

बस्तर जिले के ग्राम चिलकुटी के दौरे के दौरान श्रीमती रक्षा खडसे ने पारंपरिक लॉस्ट वैक्स तकनीक (ढोकरा शिल्प) का अवलोकन किया। यह आदिवासी कला और शिल्प कौशल की अद्वितीय पहचान है। उन्होंने इसे “सांस्कृतिक स्मृति और स्थानीय कारीगरों की जीवंत विरासत” बताते हुए कहा कि इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।

महिला उद्यमियों से संवाद

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महिला उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों और पारंपरिक शिल्पों से हो रहा यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर खेलो इंडिया के निदेशक मयंक श्रीवास्तव, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन और एसडीएम बस्तर गगन शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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