उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम: दरभा में ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक | बस्तर न्यूज़

दरभा में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा: मार्च 2026 की महापरीक्षा के लिए रणनीति तय

बस्तर जिला उल्लास प्रभारी ने बीईओ संग बैठक कर असाक्षरों के सर्वे और स्वयंसेवी शिक्षकों के पंजीयन के लिए दिए निर्देश, 10वीं-12वीं के छात्रों को मिलेगा बोनस अंक का लाभ।

दरभा ब्लॉक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में अधिकारीगण
दरभा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिला उल्लास प्रभारी राकेश खापर्डे एवं अन्य अधिकारी।
दरभा / जगदलपुर (बस्तर)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए विकासखंड दरभा में एक महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान से जोड़ना तथा उन्हें मार्च 2026 में आयोजित होने वाली महापरीक्षा में शामिल कराना है।

बैठक की अध्यक्षता बस्तर जिला उल्लास कार्यक्रम के प्रभारी राकेश खापर्डे ने की, जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) जगदीश पात्र, बीआरसी समलू राम कश्यप और सभी संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।

घर-घर सर्वे और डाटा एंट्री पर जोर

समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्राम प्रभारी शिक्षकों के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण कर असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन किया जाएगा। इस डाटा को पोर्टल में प्रविष्ट करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने नियमित रूप से केंद्र संचालित करने और सभी पंजीकृत शिक्षार्थियों को मार्च 2026 में होने वाली परीक्षा में शामिल कराने के निर्देश दिए।

छात्रों को मिलेगा बोनस अंक का प्रोत्साहन

कार्यक्रम को गति देने के लिए एक विशेष प्रावधान की जानकारी भी दी गई। श्री खापर्डे ने बताया कि कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी यदि इस अभियान में साक्षरता स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में पंजीबद्ध होकर कार्य करते हैं और 10 शिक्षार्थियों को साक्षर करते हैं, तो उन्हें बोर्ड परीक्षाओं में 10 अंकों का बोनस प्रदान किया जाएगा। योजना के अनुसार, प्रति 10 शिक्षार्थियों पर एक स्वयंसेवी शिक्षक की नियुक्ति होगी।

"साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण है"

उल्लास कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जिला प्रभारी राकेश खापर्डे और एबीईओ शेख तौफिक ने कहा कि इसका लक्ष्य महिलाओं और पुरुषों को शत-प्रतिशत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने कहा, "साक्षरता केवल पढ़ना, लिखना और अंक ज्ञान में आत्मनिर्भर होना ही नहीं है, बल्कि यह कार्यात्मक सशक्तिकरण और आगे सीखते रहने का माध्यम है। यह एक व्यक्ति के लिए बेहतर आजीविका और अवसरों तक पहुंच बनाने के साथ-साथ समाज की एकता और देश के आर्थिक विकास के लिए भी आवश्यक है।"

अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा

साक्षरता अभियान के अलावा बैठक में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। इसमें आधार कार्ड में स्कूली बच्चों के नाम सुधार, बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण, छात्रवृत्ति वितरण, मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा स्कूली पंजियों (रिकॉर्ड) के सही संधारण के निर्देश दिए गए।

basant dahiya

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