बस्तर पंडुम २०२६ का राष्ट्रपति मुर्मू ने किया शुभारंभ, कहा- "जीवन जीने का तरीका सीखें बस्तर से"
जगदलपुर। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां कहा कि बस्तर के लोग जीवन को उत्सव के रूप में जीते हैं और यह जीवन जीने का तरीका सभी देशवासियों को यहां से सीखना चाहिए। वे ऐतिहासिक लालबाग मैदान में तीन दिवसीय संभाग स्तरीय 'बस्तर पंडुम २०२६' के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थीं।
राष्ट्रपति ने कहा, "बस्तर की सुंदरता को देखकर लगता है कि मां दंतेश्वरी ने स्वयं इसे अपने हाथों से सजाया है। जब इस धरती में किसान बीज छिड़कते हैं, तब यह पंडुम होता है। जब आम का मौसम आता है, तब यह पंडुम होता है।"
माओवाद के बादल छंटे, विकास की नई सुबह
श्रीमती मुर्मू ने कहा कि चार दशकों तक माओवाद से ग्रस्त रहे बस्तर में भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई से असुरक्षा और भय का माहौल अब समाप्त हो रहा है। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों की सराहना करते हुए कहा, "मेरा उनसे अनुरोध है कि देश के संविधान और लोकतन्त्र में वे पूरी आस्था रखें।" उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से गांव-गांव में बिजली, सड़क, पानी की सुविधा उपलब्ध हो रही है और वर्षों से बंद स्कूल फिर से खुल रहे हैं।
पचास हजार से अधिक कलाकार करेंगे प्रदर्शन
राष्ट्रपति ने बताया कि इस वर्ष के पंडुम में पचास हजार से अधिक लोग जनजातीय संस्कृति से जुड़े प्रदर्शन करेंगे। बस्तर की जनजातीय संस्कृति को देश के सामने लाने के प्रयास के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर में आकर्षक पर्यटन स्थल बनने की प्रचुर क्षमता है और 'होम स्टे' जैसी नई संकल्पनाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
आदिवासी बालिका शिक्षा पर विशेष जोर
श्रीमती मुर्मू ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी माता-पिता और अभिभावकों से अपने बच्चों को पढ़ाने का अनुरोध किया और कहा, "इसी से छत्तीसगढ़ और भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा।" उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों की भी सराहना की।
एयरपोर्ट पर हुआ आत्मीय स्वागत
इससे पूर्व, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पांडे सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उनका अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के अंत में सभी से अपनी विरासत का संरक्षण करते हुए आधुनिक विकास को अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
