जगदलपुर दलपत सागर दीपोत्सव विवाद: विपक्ष ने महापौर पर लगाए गंभीर आरोप

विपक्ष का आरोप - दलपत सागर दीपोत्सव की तिथि बदलकर नेताओं को खुश करने का प्रयास, चंदा वसूली पर भी सवाल

नगर निगम जगदलपुर में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर पर लगाए आरोप, कहा- "जनभावनाओं से नहीं, नेताओं को खुश करने की है सोच"

कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी

जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर में विपक्ष के नेता राजेश चौधरी ने आगामी दलपत सागर दीपोत्सव को लेकर महापौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनआस्था से जुड़े इस कार्यक्रम को महापौर ने राजनीतिक फायदे और बड़े नेताओं को खुश करने का साधन बना लिया है।

तिथि परिवर्तन पर उठा रहे सवाल

चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दीपोत्सव पहले मकर संक्रांति (14 जनवरी) के दिन होना तय था, जिसे महापौर के मुंबई चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण 23 जनवरी (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) पर शिफ्ट कर दिया गया। अब इसे आगे बढ़ाकर 25 जनवरी कर दिया गया है, केवल इसलिए क्योंकि उस दिन एक मंत्री का आगमन है। उन्होंने सवाल खड़ा किया, "क्या अपने नेताओं को खुश करने के लिए मकर संक्रांति और नेताजी जयंती जैसे शुभ दिनों को छोड़ना जायज है?"

चंदा वसूली को लेकर आपत्ति

चौधरी ने इस बार दीपोत्सव के नाम पर चंदा वसूली किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले यह कार्यक्रम निगम के बजट और जनसहयोग (दिया इकट्ठा कर) से होता था, लेकिन पहली बार चंदा वसूला जा रहा है और QR कोड जारी किए गए हैं।

सफाई कार्य और फंड पर सवाल

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ दलपत सागर की सफाई जनसहयोग से कराई जा रही है, वहीं विधायक द्वारा स्वीकृत 9.88 करोड़ रुपये के फंड की मंशा संदिग्ध है। साथ ही, उन्होंने दलपत सागर पर बने अवैध बंध (Bund) को हटाने के बजाय, उसे रोड बनाने की तैयारी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे रसूखदारों को फायदा पहुंचेगा।

"ट्रिपल इंजन सरकार का असली चेहरा"

चौधरी ने तंज कसते हुए कहा, "पहले निगम सिर्फ टैक्स वसूलता था, अब ट्रिपल इंजन की सरकार में दीपोत्सव के नाम पर चंदा वसूली का नया चलन शुरू हुआ है।" उन्होंने कहा कि महापौर शहरवासियों के बजाय रसूखदारों के मददगार बने हुए हैं।

विपक्ष के नेता ने महापौर पर जनभावनाओं की अनदेखी और स्वार्थपरक्ता का आरोप लगाया है। उनके इन आरोपों पर महापौर या निगम प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दलपत सागर दीपोत्सव शहर का एक प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है, जिसे लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

basant dahiya

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