बस्तर के बिजली कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान चाहता है संघ, प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी कर्मचारी संघ ने पदोन्नति विसंगति, भर्ती रोक हटाने और पुरानी पेंशन बहाली समेत 8 मांगों के साथ की द्विपक्षीय वार्ता की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी कार्यालयीन कर्मचारी संघ ने नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ ही प्रबंधन के समक्ष बस्तर अंचल के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को उठाते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संघ ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए द्विपक्षीय वार्ता आयोजित करने की मांग की है।
संघ के अनुसार, बस्तर और सरगुजा जैसे दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी विषम परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन नीतिगत बाधाओं के कारण उनकी जायज मांगें अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। इन मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए संघ ने आठ प्रमुख बिंदु प्रबंधन के समक्ष रखे हैं।
प्रमुख मांगों का विवरण:
वरिष्ठता सूची में एकरूपता: तीन अलग-अलग जोन (बस्तर, सरगुजा, अन्य) के आधार पर वरिष्ठता तय करना संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का उल्लंघन बताया गया है। संघ ने जून 2023 के आदेश को निरस्त कर पूरे प्रदेश के लिए एक केंद्रीकृत वरिष्ठता सूची लागू करने की मांग की है।
रिक्त पदों पर भर्ती शुरू: बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 112 रिक्त पदों पर 2021 से भर्ती प्रक्रिया स्थगित है। संघ ने तत्काल इन भर्तियों को शुरू करके बस्तर के 51% से अधिक रिक्तियां भरने की मांग की है।
3% कंप्यूटर प्रोत्साहन भत्ता: राज्य शासन के मानकों के अनुरूप कंप्यूटर पर कार्य करने वाले सभी कार्यालयीन कर्मचारियों को यह भत्ता दिए जाने की मांग।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली: राज्य सरकार की सहमति के बावजूद बिजली कर्मचारियों को OPS का लाभ नहीं मिल रहा है। जोखिम भरे कार्य को देखते हुए इसे तुरंत लागू करने की अपील।
अनुभाग अधिकारी पदों का सृजन: बेहतर प्रशासनिक निगरानी एवं राजस्व समीक्षा के लिए उपसंभाग (Sub-division) स्तर पर 'अनुभाग अधिकारी' के नए पद स्वीकृत करने की जरूरत बताई गई है।
मुख्यालय पदों में समान हिस्सेदारी: मुख्यालय स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर बस्तर व सरगुजा क्षेत्र के कर्मचारियों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग।
अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों का नियमितीकरण: प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बावजूद अनुकंपा आधार पर नियुक्त डेटा एंट्री ऑपरेटरों को नियमित नहीं किया गया है। तत्काल नियमितीकरण की मांग।
आठवें वेतनमान की तैयारी: 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले आठवें वेतनमान के लिए तत्काल वेज कमेटी गठित करने का अनुरोध किया गया है।
"हम याचना नहीं, रण करने आए हैं" – संघ की चेतावनी
संघ के महामंत्री धर्मेंद्र कुमार देवांगन ने कहा, "बस्तर का कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी कंपनी का राजस्व बढ़ा रहा है, लेकिन हक देने की बात आती है तो नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। हम यहाँ याचना नहीं, रण करने आए हैं। हमारी मांगें कर्मचारियों का पसीना और अधिकार हैं।"
उन्होंने आशा जताई कि प्रबंधन अपने व्यस्त समय में से कुछ क्षण निकालकर इन मुद्दों पर सकारात्मक व सकारात्मक द्विपक्षीय वार्ता करेगा। संघ का मानना है कि केवल संवाद से ही इन जटिल समस्याओं का समाधान संभव है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पदाधिकारी:
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष गगनराज हिरवानी, महामंत्री धर्मेंद्र कुमार देवांगन, कोषाध्यक्ष योगेंद्र कुमार कश्यप सहित पवन साहू, ललित यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
