बैंड-बाजे और आतिशबाजी के बीच निकली भगवान बालाजी की दिव्य बारात
भक्तिमय वातावरण में देर रात तक झूमे-नाचे भक्तगण, रजत जयंती महोत्सव का चौथा दिन संपन्न
जगदलपुर। बालाजी मंदिर के रजत जयंती महोत्सव के चौथे दिन भगवान श्रीनिवास (बालाजी) और माता लक्ष्मी का विवाह समारोह धूमधाम से मनाया गया। भीष्म एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में भगवान की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी के बीच भक्ति नृत्य किया।
शाही बारात का दृश्य:
देर शाम प्रतापदेव वार्ड स्थित मद्दी सप्तगिरि एवं दादाबाड़ी के पास स्थित के. आदिनारायण राव के निवास में भगवान की पूजा के बाद वर-वधु पक्ष की भूमिका निभा रहे दोनों परिवारों ने धूमधाम से बारात निकाली। बारात में शामिल भक्तिभाव से डूबे श्रद्धालु जमकर नाचे-झूमे।
देश भर से आए थे हजारों श्रद्धालु
मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस अवसर पर बस्तर अंचल के अलावा रायपुर, दुर्ग, भिलाई, चरौदा, कोरबा, बिलासपुर, चिरमिरी आदि शहरों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, ओड़िशा और महाराष्ट्र से भी हजारों श्रद्धालु पहुँचे थे। इस भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
विशेष आकर्षण: श्रीनिवास कल्याणम विधान
देर शाम मंदिर पहुँचने पर श्रीनिवास कल्याणम पूजा प्रारंभ हुई। इस विधान में भगवान श्रीनिवास और माता लक्ष्मी के विवाह की रस्म पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अदा की गई। पंडितों की उपस्थिति में विवाह के दौरान वर-वधु पक्ष के बीच होने वाले संवाद के साथ भक्तों के समक्ष भगवान का विवाह मंत्रोच्चार के साथ संपन्न किया गया।
महाअभिषेक और स्वर्ण कलश पूजा
इससे पूर्व सुबह स्वर्ण कलश की पूजा के दौरान भक्तों के हाथों से विधिवत स्वर्ण कलश में संग्रहित शुद्ध शहद से रेजेटी रामाचार्युलु द्वारा भगवान का अभिषेक किया गया। महाअभिषेक में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बालाजी, माता अंडाल एवं माता पद्मावती का महाअभिषेक किया।
सुबह से प्रारंभ हुए विशेष अनुष्ठान में स्वर्ण कलश के साथ-साथ चांदी और लक्ष्मी कलशों से देव प्रतिमाओं का अभिषेक संपन्न किया। आंध्र प्रदेश से आए विद्वान पंडितों की अगुवाई में भगवान बालाजी का पंचगव्य, पंचामृत, दूध, दही, इत्र, अष्टगंध सहित विविध सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया।
📌 मुख्य बिंदु:
- बालाजी मंदिर की रजत जयंती (25वाँ वर्ष) महोत्सव
- भीष्म एकादशी पर श्रीनिवास कल्याणम (विवाह समारोह)
- मद्दी सप्तगिरि एवं के. आदिनारायण राव परिवार ने निभाई वर-वधु की भूमिका
- ढोल-नगाड़े, बैंड बाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य बारात
- देश के कई राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति
📍 स्थान: बालाजी मंदिर, प्रतापदेव वार्ड, जगदलपुर, छत्तीसगढ़
📅 आयोजन तिथि: भीष्म एकादशी (रजत जयंती महोत्सव चौथा दिन)
रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता | स्रोत: मंदिर प्रबंधन समिति, जगदलपुर
