सुकमा पुलिस लाइन में निःशुल्क सिलाई केंद्र शुरू, 150 पुलिस परिवार की महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
तीन महीने तक चलेगा प्रशिक्षण, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार के अवसरों से जोड़ना उद्देश्य
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| पुलिस लाइन सुकमा में 'सेवा पथ एक पहल' के तहत शुरू किए गए निःशुल्क सिलाई केंद्र के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित पुलिस परिवार की महिलाएं। — फोटो: जिला सुकमा पुलिस |
मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री एवं डीजीपी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भावना के अनुरूप किया गया।
हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है: पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कहा कि हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है। जब कोई जवान अपने कर्तव्य के लिए घर से निकलता है, तब पीछे परिवार की पूरी जिम्मेदारी मातृशक्ति संभालती है। पुलिस परिवार की ताकत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकें।
महिलाओं का सशक्त होना, समाज का सक्षम होना है: संजीव कृष्ण ठाकुर
पूज्य संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ मां कौशल्या की जन्मभूमि है। यहां के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम तथा बस्तर आईजी बद्री नारायण मीणा के नेतृत्व में बस्तर में शांति स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी माता या बहन कमजोर नहीं होती। मातृशक्ति में देश को महापुरुष और भगवान देने की क्षमता है। पुरुष समाज की उपलब्धियों के पीछे भी मातृशक्ति का सहयोग, आशीर्वाद और त्याग होता है। महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयास समाज को भी मजबूत बनाएंगे।
तीन महीने के प्रशिक्षण से मिलेगा हुनर और आत्मविश्वास
उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि तीन महीने के प्रशिक्षण के बाद वे केवल कपड़े सिलना ही नहीं सीखेंगी, बल्कि अपने भविष्य को संवारने का हुनर भी हासिल करेंगी। बस्तर की इस धरती पर लोगों ने अनेक पीड़ाएं देखी हैं। ऐसे में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल नई उम्मीद जगाती है।
उन्होंने कहा कि जीवन की उपलब्धि इस बात से तय नहीं होती कि हमने कितना इकट्ठा किया, बल्कि इस बात से होती है कि हमने दूसरों के लिए कितना बांटा। नवरात्र के दौरान मातृशक्ति की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने सुकमा को सेवा और प्रेरणा के स्थल के रूप में पहचान दिलाने की बात कही।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में एएसपी रोहित शाह, राजीव शर्मा, श्रीमती प्रेमलता गुर्जर, श्रीमती असिता गुर्जर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
जिला सुकमा पुलिस द्वारा महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसरों से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

