पोटानार के किसानों को मिली 'आधुनिक खेती' की नई सीख! छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश
ग्राम पोटानार में 'कृषि सूचना केंद्र' का शुभारंभ, मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती पर दिया गया जोर
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| जगदलपुर: ग्राम पोटानार में आयोजित कृषि जागरूकता कार्यक्रम में आगे बैठे कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थी, पीछे ग्रामीण, किसान एवं अतिथिगण। — फोटो: शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय |
नुक्कड़ नाटक में दिखाए खेती के गुर
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। इसके माध्यम से ग्रामीणों को मृदा स्वास्थ्य की देखभाल, रासायनिक खादों के संतुलित उपयोग और प्राकृतिक खेती के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्रों ने जीवंत मॉडलों के जरिए भी आधुनिक खेती के तरीकों को सरल ढंग से समझाया।
'कृषि सूचना केंद्र' से मिलेगी लगातार जानकारी
किसानों तक नवीनतम कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक जानकारियों की निरंतर पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव में 'कृषि सूचना केंद्र' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इससे किसानों को खेती से जुड़ी नई जानकारी और सलाह आसानी से मिल सकेगी।
गांव के संसाधनों पर विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसके अंतर्गत छात्रों और वैज्ञानिकों ने गांव की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध प्राकृतिक व कृषि संसाधनों तथा स्थानीय चुनौतियों का गहन अध्ययन कर ग्रामीण विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य अतिथि और विशेषज्ञों की रही मौजूदगी
आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच संतोष मौर्य उपस्थित रहे, जबकि उप-सरपंच बुधरू कश्यप, जनपद सदस्य गंगाराम बघेल, पंच महेंद्र ठाकुर, रामप्रसाद मौर्य और शिक्षा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वैज्ञानिक एवं रावे-रेडी समन्वयक डॉ. जे. एल. सलाम, सह-समन्वयक डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. रेश्मा कौशल एवं डॉ. थानेश्वर देवांगन ने उपस्थित किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर स्थानीय कृषक बुधराम मौर्य, परदेशी राम कश्यप, आनंद कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और पोटानार विद्यालय के विद्यार्थी मौजूद रहे। यह आयोजन विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन व खेती की जमीनी वास्तविकताओं का व्यावहारिक अनुभव कराने में सफल रहा।
