बस्तर विश्वविद्यालय में विश्व आदिवासी दिवस पर व्याख्यान, एमसीए-एमबीए प्रवेश परिणाम जारी: शुभम नाहक व सोमिया पाढ़ी टॉपर

विश्व आदिवासी दिवस पर बस्तर विश्वविद्यालय में व्याख्यान, एमसीए-एमबीए प्रवेश परिणाम जारी: शुभम नाहक व सोमिया पाढ़ी टॉपर

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर व्याख्यान कार्यक्रम के दौरान मंच पर डॉ. स्वपन कुमार कोले, डॉ. सुकृता तिर्की, डॉ. लखन लाल विश्वकर्मा व अन्य प्राध्यापक, सामने छात्र उपस्थित
📷 शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम के दौरान मंच पर मुख्य वक्ता डॉ. स्वपन कुमार कोले, डॉ. सुकृता तिर्की, डॉ. लखन लाल विश्वकर्मा सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने गीत व भाषण प्रस्तुत किए।
जगदलपुर। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान एवं जनजातीय अध्ययनशाला में व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, विश्वविद्यालय ने एमसीए एवं एमबीए प्रवेश परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए हैं।

विश्व आदिवासी दिवस पर व्याख्यान कार्यक्रम

डॉ. स्वपन कुमार कोले ने वन-आधारित आजीविका पर दी जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. स्वपन कुमार कोले ने वन-आधारित आजीविका उपायों के माध्यम से जनजातीय विकास पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि जंगल जनजातीय समाज की पहचान और आजीविका के आधार हैं। वनाधारित आजीविका जनजातीय समाज को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाती है तथा प्रकृति और परंपरा के बीच संतुलन बनाए रखती है।

डॉ. सुकृता तिर्की ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति पर रखे विचार

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुकृता तिर्की ने बस्तर के आदिवासी समाज की मूल संस्कृति पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बस्तर के आदिवासियों की भाषा-बोली, रहन-सहन, खानपान विशिष्ट हैं। यहाँ का आदिम समाज प्रकृति, सामूहिकता और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने गोटुल जैसी सामाजिक संस्था को युवाओं को अनुशासन, शिक्षा और सामूहिक जीवन का पाठ पढ़ाने वाला बताया। डॉ. तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज को उनके अधिकारों एवं पेशा कानून के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।

छात्रों ने गीत-भाषण से रखी अपनी बात

इस अवसर पर शिवम, अनामिका मंडावी, मनीराम ने विश्व आदिवासी दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भाषण एवं गीत प्रस्तुत किए।

अतिथि व्याख्याता डॉ. लखन लाल विश्वकर्मा का स्वागत उद्बोधन

अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथि व्याख्याता डॉ. लखन लाल विश्वकर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति के साथ संतुलन में जीने का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। वन, जल और भूमि उनके लिए केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदाता हैं।

मंच संचालन डॉ. शारदा देवांगन ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश, विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

एमसीए एवं एमबीए प्रवेश परीक्षा के परिणाम जारी

एमसीए टॉपर: शुभम नाहक

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में संचालित एमसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 27 अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी की गई है। शुभम नाहक ने 81 अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

एमबीए टॉपर: सोमिया पाढ़ी

एमबीए प्रवेश हेतु 30 अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई है। सोमिया पाढ़ी ने 82 अंक पाकर टॉपर बनी हैं।

प्रवेश प्रक्रिया

चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के बाद प्रवेश नियमों एवं रिक्त सीटों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अभ्यर्थी 10 अगस्त से संबंधित विभाग में प्रवेश हेतु संपर्क कर सकते हैं।

ज्ञातव्य है कि इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 25 जुलाई को विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर मेरिट सूची का अवलोकन कर सकते हैं।

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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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