"टुकड़ों में बंटे रहेंगे तो मांगें नहीं पूरी होंगी": शिक्षक नेता जाकेश साहू ने सभी संगठनों से एकजुट होने की अपील की
रायपुर। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक जाकेश साहू ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से एक मंच पर आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी संगठन एकजुट नहीं होंगे, तब तक कोई भी आंदोलन सफल नहीं होगा और शिक्षकों की ठोस मांगें पूरी नहीं हो पाएंगी।
जाकेश साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश में लगभग 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग में कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश किसी विशेष संघ के सदस्य नहीं हैं, बल्कि वे स्वतंत्र हैं और समय-समय पर होने वाले आंदोलनों का समर्थन करते हैं।
प्रदेश में 20 से अधिक पंजीकृत शिक्षक संगठन हैं, जो अपने-अपने स्तर पर शिक्षकों के हित में काम कर रहे हैं। हालाँकि, 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद से कोई बड़ा और प्रभावी आंदोलन नहीं हो पाया है। वर्तमान में कुछ संगठनों ने अलग-अलग मंच बनाकर आंदोलन की घोषणा कर दी है।
जाकेश साहू का कहना है कि टुकड़ों में बंटकर आंदोलन करने से सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने सभी संगठनों से व्यक्तिगत मतभेद, रंजिश और सांगठनिक दुर्भावना को भुलाकर एक साझा मंच बनाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता, पदोन्नति में टीईटी, वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन बहाली और क्रमोन्नति जैसे कई मुद्दों पर चिंतित और प्रताड़ित हैं। ऐसे में सभी को एकजुट होकर अपनी बात रखनी चाहिए।
जाकेश साहू ने आम शिक्षकों से अपील की है कि जब तक सभी संगठन एक मंच पर नहीं आ जाते, तब तक किसी भी आंदोलन, हड़ताल या ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे आंदोलनों में भाग लेने से समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होगी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।
