🪔 75 दिनों के ऐतिहासिक उत्सव का आरंभ: पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का शुभारंभ
🪔 विश्व का सबसे लंबा दशहरा: 75 दिनों की अनोखी परंपरा की शुरुआत
बस्तर की पावन धरा अपनी समृद्ध परंपराओं और ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर के साथ एक बार फिर विश्व के सबसे लंबे चलने वाले लोक-उत्सव की साक्षी बन गई है। हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का विधिवत शुभारंभ हो गया है।
🎋 पाट जात्रा पूजा: ठुरलू खोटला की विधिवत पूजा-अर्चना
बस्तर दशहरा की पहली रस्म पाट जात्रा के तहत माचकोट वन परिक्षेत्र के बिलोरी जंगल से लाए गए साल वृक्ष के गोले (ठुरलू खोटला) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसी ठुरलू खोटला से दशहरा रथ निर्माण में उपयोग होने वाले बेंत तैयार किए जाते हैं।
🔴 विशेष: पाट जात्रा के दौरान पूजा के लिए लाया गया बकरा खंडित पाया गया, इसलिए परंपरानुसार उसकी बलि नहीं दी गई। बाद में दंतेवाड़ा मंदिर के जिया पुजारी ने लाल बकरे की बलि देकर पूजा विधान संपूर्ण किया।
🪔 75 दिनों का ऐतिहासिक उत्सव: 27 अक्टूबर तक चलेगा दशहरा
बस्तर दशहरा 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे लंबा त्योहार है। यह 12 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर 27 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान रथ परिक्रमा, नवरात्रि पूजा, महाअष्टमी, कुंवारी पूजा सहित कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
👥 शुभारंभ समारोह में उपस्थित गणमान्य
इस पावन अवसर पर महापौर संजय पाण्डे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, कलेक्टर आकाश छिकारा, अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, बस्तर दशहरा समिति के सदस्य, पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और बड़ी संख्या में सेवादार उपस्थित रहे।
📍 आयोजन स्थल: मां दंतेश्वरी मंदिर, जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़)
बस्तर दशहरा – आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत समागम। यह 75 दिनों का अनोखा उत्सव न सिर्फ बस्तर बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुए है।