बचेली में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, पारंपरिक नृत्य व वेशभूषा रही आकर्षण का केंद्र
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र
इस अवसर पर आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करते हुए पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। समाज के लोगों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आदिवासी समाज के अधिकारों, शिक्षा, सामाजिक एकता और विकास पर प्रकाश डाला। साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम का समापन
पूरे आयोजन के दौरान लोगों में उत्साह और उमंग देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग:
ए.आर. बारस – अध्यक्ष, आदिवासी संघ
गोविंद कुंजाम – सरपंच, ग्राम पंचायत बड़े बचेली
जागेश्वर प्रसाद – अध्यक्ष, श्रमिक संगठन एसकेएसएम
चंद्र कुमार मांडवी – इंटर अध्यक्ष
गजेंद्र कुमार रात्रे
समाज के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
स्थान: बचेली
आयोजन: विश्व आदिवासी दिवस
विशेष: पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मुख्य विषय: आदिवासी अधिकार, शिक्षा, सामाजिक एकता, जल-जंगल-जमीन संरक्षण
सहभागिता: आदिवासी समाज के लोग, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि
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