बस्तर में सड़कों की 'सेहत' बिगाड़ने वालों पर शिकंजा: आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों पर रोक, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
जगदलपुर, 27 जून 2026 — जिला प्रशासन ने अब सड़कों की सेहत बिगाड़ने और हादसों को न्योता देने वाले लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों में इस्तेमाल होने वाले लोहे के नुकीले पहियों (आयरन केजव्हील) वाले ट्रैक्टरों को सामान्य और सीमेंट की सड़कों पर दौड़ाने पर तत्काल रोक लगा दी गई है। यह कदम उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर जनहित याचिका के आदेशों और लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है।
अब ऐसा करते पाए जाने पर ट्रैक्टर मालिकों और चालकों के खिलाफ सीधे चालानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🚜 क्या है मामला?
परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अनुसार, किसान अक्सर खेतों में जुताई के लिए ट्रैक्टरों में लोहे के रिंग या दोहरे पिंजरों वाले पहिए (केजव्हील) लगाते हैं। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इन्हें हटाए बिना ही ट्रैक्टरों को डामर, सीमेंट की मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दौड़ा दिया जाता है। इससे सड़कें बुरी तरह उखड़ रही हैं और टूट रही हैं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है और आम राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है। यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
⚖️ कलेक्टर का निर्देश: जुर्माना, जागरूकता और सख्ती
कलेक्टर के निर्देशों के तहत अब इस मुहिम को सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि ग्रामीण मोटरयान नियमों के प्रति सचेत हो सकें।
प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद अब जिला व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुहिम के तौर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चेतावनी: खेतों से निकलते ही ट्रैक्टरों से लोहे के केजव्हील को हटाना अनिवार्य होगा। बिना रबर टायर के सड़कों पर दौड़ता पाया गया ट्रैक्टर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएगा।
🗣️ प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों और किसान भाइयों से अपील की है कि वे सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने और सड़कों को सुरक्षित रखने में सक्रिय सहयोग करें। यह व्यवस्था न केवल सड़कों की सुरक्षा के लिए बल्कि आम जनता के जीवन की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
🔥 हाइलाइट्स
✅ आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों पर पूर्ण प्रतिबंध।
✅ सड़कों को हो रहे नुकसान और दुर्घटनाओं के जोखिम को देखते हुए सख्ती।
✅ जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान।
✅ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलेगा।
✅ कलेक्टर आकाश छिकारा ने परिवहन और लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए।
⚠️ एक और बड़ा खतरा: फर्जी ई-चालान लिंक से बचें!
नकली ई-चालान: साइबर ठगों का नया जाल
यदि आपके मोबाइल पर ई-चालान भुगतान का कोई अज्ञात लिंक आया है, तो सावधान हो जाइए! बस्तर परिवहन विभाग ने साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे फर्जी ई-चालान लिंक को लेकर चेतावनी जारी की है।
ये लिंक असली सरकारी पोर्टल की तरह दिखने वाली नकली वेबसाइटों पर ले जाते हैं, जहां आपको डरा-धमकाकर बैंकिंग और कार्ड विवरण चोरी करने का प्रयास किया जाता है।
🔐 सुरक्षित रहने के लिए टिप्स
केवल आधिकारिक पोर्टल https://echallan-parivahan.gov.in का ही उपयोग करें।
ओटीपी, कार्ड नंबर या सीवीवी किसी से साझा न करें।
अज्ञात नंबरों से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
🌾 धान खरीदी की नई पारदर्शी व्यवस्था: एग्रीस्टेक आईडी अनिवार्य
1 जुलाई से शुरू होगा पंजीकरण
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी को सुदृढ़, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए एग्रीस्टेक आईडी (फार्मर आईडी) को अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक fcs.cg.gov.in पर पंजीकरण किया जाएगा।
✅ क्या है नई व्यवस्था?
पुराने पंजीकृत किसानों को नया पंजीकरण नहीं करना होगा।
नए किसानों को एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना अनिवार्य है।
बायोमेट्रिक आधारित खरीदी प्रणाली लागू रहेगी।
नॉमिनी के माध्यम से भी धान बेचा जा सकेगा।
📋 किन किसानों पर लागू?
वनाधिकार पट्टाधारी, डूबान, शासकीय पट्टेदार, कोटवार तथा संस्थागत कृषक सभी पर यह नियम समान रूप से लागू होगा।