Jagdalpur News: अमृत मिशन योजना को लेकर नागरिकों में भ्रम, महापौर संजय पांडे ने कहा- यह सामान्य तकनीकी प्रक्रिया
जगदलपुर। शहर में अमृत मिशन योजना को धरातल पर उतारने का कार्य जारी है। पिछले शासन के कार्यकाल में बिछाई गई पाइपलाइनों की वर्तमान में टेस्टिंग की जा रही है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान कुछ स्थानों पर पानी का बहाव देख नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन गई थी।
किन स्थानों पर हुआ पानी का बहाव?
टेस्टिंग प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित स्थानों पर पानी का बहाव देखा गया:
| स्थान | स्थिति |
|---|---|
| लाल चर्च के पास | पानी का बहाव |
| स्वर्गीय महेंद्र कर्मा बंगला | पानी का बहाव |
| पुराना बस स्टैंड के पास | पानी का बहाव |
इससे नागरिकों में यह भ्रम फैल गया था कि योजना में कोई बड़ी खराबी है।
महापौर संजय पांडे ने साफ की भ्रांति
शहर के महापौर संजय पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि:
"पाइपलाइन बिछाते समय एयरवॉल और टी-पॉइंट के लिए कुछ स्थान खाली छोड़े जाते हैं। टेस्टिंग के दौरान इन स्थानों से पानी का बाहर आना एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई पाइपलाइन फटने या खराबी का मामला नहीं है। एयरवॉल लगाने का कार्य प्रगति पर है और पुरानी पाइपों का सुधार जारी है।
"शहर की नियमित पेयजल व्यवस्था जारी है। नागरिक किसी भी अफवाह से प्रभावित न हों।" - संजय पांडे, महापौर, जगदलपुर
लेटलतीफी के कारण योजना में हुआ विलंब
महापौर ने अमृत मिशन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया:
📌 योजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे
📌 पूर्ववर्ती सरकारों और एजेंसियों की लेटलतीफी के कारण योजना में विलंब हुआ
📌 वर्ष 2021-22 (कांग्रेस शासनकाल) में नई एजेंसी को काम दिया गया
📌 वह एजेंसी भी समय पर कार्य पूरा नहीं कर सकी
नई सरकार के प्रयासों से कार्य में आई तेजी
राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के सहयोग से योजना को पुनर्जीवित किया गया है।
वर्तमान में निम्नलिखित कार्य चल रहे हैं:
✅ इंटेक वेल
✅ ट्रीटमेंट प्लांट
✅ सप्लाई लाइन की सफाई व टेस्टिंग
टेस्टिंग के दौरान सामने आ रही तकनीकी त्रुटियों को तत्काल सुधारने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए गए हैं।
प्रथम चरण में 12-13 वार्डों को मिलेगा लाभ
महापौर ने आश्वस्त किया है कि टेस्टिंग प्रक्रिया से शहर की नियमित पेयजल व्यवस्था पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
"टेस्टिंग और गुणवत्ता परीक्षण पूर्ण होते ही प्रथम चरण में शहर के 12 से 13 वार्डों में नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हमारा लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।"
इन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:
| क्रम | नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | निर्मल पाणिग्रही | एमआईसी सदस्य |
| 2 | सुरेश गुप्ता | एमआईसी सदस्य |
| 3 | लक्ष्मण झा | एमआईसी सदस्य |
| 4 | संग्राम सिंह राणा | एमआईसी सदस्य |
| 5 | संजय विश्वकर्मा | एमआईसी सदस्य |
| 6 | नरसिंह राव | पार्षद |
| 7 | प्रवीण कुमार वर्मा | नगर निगम आयुक्त |
साथ ही विभाग के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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