बचेली: अस्थाई दखल शुल्क ₹100 से घटाकर ₹50 किया, टेंडर निरस्त; उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर अभियान के बाद पलटा फैसला

बचेली में दखल शुल्क 50 से 100 हुआ, फिर 50 किया; पार्षदों के हस्ताक्षर अभियान के बाद पलटा निर्णय

नगर पालिका कार्यालय बचेली का बाहरी दृश्य, जहां अस्थाई दखल शुल्क 100 से 50 रुपये करने का निर्णय लिया गया
बचेली। नगर पालिका परिषद कार्यालय, जहां अस्थाई दखल शुल्क को लेकर विवाद के बाद 19 मई 2026 को पुनः बैठक बुलाई गई और शुल्क ₹100 से घटाकर ₹50 प्रति वाहन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस फैसले से ट्रक मालिकों और क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है।
बचेली। नगर पालिका परिषद, बचेली द्वारा अस्थाई दखल शुल्क में की गई 100 प्रतिशत वृद्धि (₹50 से ₹100) को अब वापस ले लिया गया है। विवादों के बाद परिषद ने अपने पूर्व निर्णय में संशोधन करते हुए शुल्क पुनः ₹50 प्रति वाहन कर दिया है। साथ ही, इससे जुड़ा टेंडर भी निरस्त कर दिया गया।

क्षेत्र में इस फैसले से राहत का माहौल है, लेकिन परिषद की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं।


🔴 पहले क्या हुआ था?

नगर पालिका परिषद की बैठक में 13 मार्च 2026 को अस्थाई दखल शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹100 किए जाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया था। इसमें 15 पार्षदों की सहमति थी। इसके बाद ठेकेदार ने नई दर से वसूली भी शुरू कर दी थी।


🟠 विरोध क्यों हुआ?

फैसले के खिलाफ नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश प्रेमचंदानी ने मोर्चा खोल दिया। उनके नेतृत्व में 15 से अधिक पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को पत्र सौंपकर:

  • प्रस्ताव में 100% वृद्धि का स्पष्ट उल्लेख न होना

  • कई पार्षदों का बैठक में अनुपस्थित रहना

  • दर नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन

जैसे तर्क दिए।

इसके अलावा बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (BTOA) ने भी शुल्क वृद्धि पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। संगठन का कहना था कि अचानक बढ़े शुल्क से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।


🟡 हस्ताक्षर अभियान और बैठक

उपाध्यक्ष सतीश प्रेमचंदानी ने इस मामले को और गंभीर बनाते हुए अनेक लेटर पैड पर हस्ताक्षर अभियान चलाया और परिषद की बैठक बुलवाई। उनका तर्क था:

  • डीजल के बढ़ते दाम

  • अन्य नगर पालिका क्षेत्रों में कम दर

  • आम जनता पर अतिरिक्त बोझ


🔵 फिर क्या हुआ?

विवाद बढ़ने के बाद मामला पुनः परिषद की बैठक में लाया गया। 19 मई 2026 को विचार-विमर्श के पश्चात:

  • शुल्क पुनः ₹50 प्रति वाहन करने का निर्णय लिया गया

  • इससे जुड़ा टेंडर निरस्त कर दिया गया

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिन पार्षदों ने पहले ₹100 बढ़ाने पर सहमति दी थी, वही अब उपाध्यक्ष के नेतृत्व में इसे कम करवाने के पक्ष में खड़े नजर आए।


🟣 पक्ष-विपक्ष के बयान

व्यक्तिपदबयान
सतीश प्रेमचंदानीनगर पालिका उपाध्यक्ष"जनहित और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार आवश्यक था। पार्षदों की आपत्ति और जनता के हित को देखते हुए शुल्क वृद्धि वापस लेना उचित कदम है।"
राजू जायसवालनगर पालिका अध्यक्ष"आय वृद्धि के लिए निर्णय लिया था, लेकिन ट्रक मालिकों और पार्षदों के आपत्ति पत्रों के चलते पुनः पूर्व दर का प्रस्ताव पारित किया गया है।"
रामकृष्ण रावमुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO)"परिषद के निर्णय के अनुसार संशोधित दरें लागू कर दी गई हैं। पूर्व में पारित प्रस्ताव पर पुनः चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है।"
मनोज शाहनेता प्रतिपक्ष"जनता के हित और बीटीओए (BTOA) के मालिकों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को वापस लेना ही उचित होगा। हमने शुरू से इस अंधाधुंध वृद्धि का विरोध किया है।"

⚪ अब क्या होगा?

परिषद के इस संशोधित निर्णय को कलेक्टर के अनुमोदन हेतु भेज दिया गया है। अगर कलेक्टर की मंजूरी मिल जाती है, तो यही अंतिम दर (₹50 प्रति वाहन) लागू रहेगी।


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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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