श्री श्री श्री 1008 माँ आदि शक्ति सती माता मंदिर रानमुण्डा (सोनारगुड़ी) करकापाल, जगदलपुर में जात्रा महोत्सव
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| श्री श्री श्री 1008 माँ आदि शक्ति सती माता मंदिर रानमुण्डा (सोनारगुड़ी) में गर्भगृह के सामने आसन में बैठे प्रधान पूजारी अखिलेश स्वर्णकार जी। इस दौरान श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने पहुँचे। |
जगदलपुर (रानमुण्डा)। श्री श्री श्री 1008 माँ आदि शक्ति सती माता मंदिर, रानमुण्डा (सोनारगुड़ी) करकापाल में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो दिवसीय बाजार (जात्रा) पर्व 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुँचे और माँ आदि शक्ति सती माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
📹 वीडियो देखें: https://youtu.be/xPNbiGOG0SM
📖 पिछली रिपोर्ट: श्री श्री श्री 1008 माँ आदि शक्ति सती माता मंदिर रानमुण्डा में दो दिवसीय जात्रा पर्व की पूरी रिपोर्ट
प्रथम दिवस (शनिवार, 18 अप्रैल) के कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे माता जी के श्रृंगार स्नान एवं घी-सिंदूर से चोला चढ़ाने से हुई। तत्पश्चात प्रातः 10:30 बजे फूलों से श्रृंगार, दोपहर 11 बजे से 12:30 बजे तक वस्त्र अलंकरण सम्पन्न हुआ। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक माता जी का आव्हान एवं परिक्रमा की गई। इसके बाद दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक भंडारा एवं प्रसाद वितरण किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सायं 4 बजे से 5 बजे तक हवन पूजा सम्पन्न हुई।
📹 वीडियो में देखें जात्रा की झलक: https://youtu.be/xPNbiGOG0SM
द्वितीय दिवस (रविवार, 19 अप्रैल) को प्रातः 10:30 बजे से 11 बजे तक फूलों से श्रृंगार हुआ। दोपहर 11 बजे से 12:30 बजे तक पूजा एवं वस्त्र अलंकरण सम्पन्न हुआ। दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक आव्हान एवं परिक्रमा चली। दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक पुनः भंडारा एवं प्रसाद वितरण हुआ। सबसे महत्वपूर्ण बली पूजन दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पन्न किया गया। अंत में शाम 5 बजे समस्त देवी-देवताओं की विदाई के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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| रानमुण्डा (सोनारगुड़ी) स्थित माँ आदि शक्ति सती माता मंदिर में माता की डोली के पास धार्मिक रस्म विधान सम्पन्न करते पुजारी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। |
इस दो दिवसीय जात्रा पर्व में कई गांवों से देव विग्रह मंदिर पहुंचे। हर गांव से आए देव विग्रहों का अपनी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। साथ ही, स्थानीय कलाकारों ने ढोल, नगाड़े, शहनाई और झांझ जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बजाकर माता की स्तुति की, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिमय हो उठा।
प्रधान पूजारी अखिलेश स्वर्णकार जी के सान्निध्य में यह सभी कार्यक्रम सम्पन्न हुए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को माँ सती माता का आशीर्वाद दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और उन्होंने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की जात्रा पिछले कुछ वर्षों में सबसे भव्य रही। देव विग्रहों का आना, पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर स्तुति, भंडारा और बली पूजन – सभी ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। रानमुण्डा क्षेत्र के लिए यह जात्रा पर्व आस्था और एकता का प्रतीक है।
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