BREAKING: बस्तर में विकास का नया अध्याय, CM विष्णु देव साय ने 86 सड़कों का किया भूमिपूजन, 235 किलोमीटर सड़कों पर खर्च होंगे 250 करोड़
जगदलपुर | बस्तर के विकास पथ पर आज एक ऐतिहासिक दिन रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर से वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-4 के तहत बस्तर जिले की 86 सड़कों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर है और इन पर लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
जगदलपुर के कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय के सभागार में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
बस्तर के इन इलाकों में बिछेगी सड़कों की जाली
लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वीकृत सड़कों से दशकों पुरानी कनेक्टिविटी की समस्या दूर होगी। इन सड़कों के बनने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
विधायक विनायक गोयल बोले- सड़कें समृद्धि का मार्ग
इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने कहा:
"ये सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में समृद्धि लाने का मार्ग बनेंगी।"
उन्होंने इस विकास कार्य के लिए शासन का आभार व्यक्त किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने अटल जी के विजन को किया याद
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्र और राज्य सरकार बस्तर की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा:
"सरकार का लक्ष्य सड़कों के माध्यम से हर ग्रामीण तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है।"
इन गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम को किया संबोधित
| नाम | पद |
|---|---|
| विनायक गोयल | विधायक, चित्रकोट |
| श्रीमती वेदवती कश्यप | जिला पंचायत अध्यक्ष |
| बलदेव मंडावी | उपाध्यक्ष, जिला पंचायत |
| खेमसिंह देवांगन | सभापति, जगदलपुर नगर निगम |
| आकाश छिकारा | कलेक्टर, बस्तर |
इसके अलावा जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश
कार्यक्रम के समापन पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों और इंजीनियरों को कड़े निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए, ताकि बस्तर का हर निवासी एक विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में योगदान दे सके।
