ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का बड़ा आंदोलन, कल से शुरू होगी हड़ताल, आज काली पट्टी बांधकर काम करेंगे शिक्षक
रायपुर | प्रदेश के निजी स्कूलों ने RTE प्रतिपूर्ति दर (Reimbursement Rate) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। आज (17 अप्रैल) को ‘काली पट्टी’ बांधकर काम करने के कार्यक्रम के साथ यह आंदोलन शुरू हो गया है, जबकि कल (18 अप्रैल) को प्रदेश भर के सभी निजी स्कूल बंद रहेंगे।
2011 से नहीं बदली RTE दरें, स्कूल एसोसिएशन ने उठाया मोर्चा
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन का कहना है कि RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा देने के एवज में सरकार जो प्रतिपूर्ति राशि देती है, वह वर्ष 2011 से अब तक नहीं बढ़ाई गई है। बढ़ती महंगाई और बच्चे प्रति खर्च के मानकों को देखते हुए यह राशि अब अव्यवहारिक हो गई है।
एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र राशि (Per Student Cost) को सार्वजनिक किया जाए। इसी के आधार पर निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति का निर्धारण हो सकेगा।
14 अप्रैल की बैठक में लिए गए अहम फैसले
एसोसिएशन ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 14 अप्रैल को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया था:
17 अप्रैल (शुक्रवार): सभी स्कूल संचालक एवं शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे, जो उनके असंतोष और “असहयोग” का प्रतीक है।
18 अप्रैल (शनिवार): प्रदेश के सभी निजी स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
4 अप्रैल को RTE प्रवेश ठुकराने का फैसला
इससे पहले 4 अप्रैल को ही एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया था कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से आवंटित वंचित वर्ग के छात्रों को RTE के तहत प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अब इस असहयोग आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए स्कूल बंद करने और प्रतीकात्मक विरोध का रास्ता अपनाया गया है।
एसोसिएशन का निवेदन: स्कूल शिक्षा मंत्री को सूचित
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बताया कि इस संपूर्ण आंदोलन की औपचारिक सूचना माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी गई है। एसोसिएशन ने पुनः निवेदन किया है कि विभाग जल्द से जल्द सरकारी स्कूलों की प्रति छात्र लागत सार्वजनिक करे और RTE धारा 12(2) के तहत प्रतिपूर्ति दरों को संशोधित करे।
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