“सोशल मीडिया से दूरी, धैर्य और सही दिशा में मेहनत ही दिलाती है सफलता” – बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा

“सोशल मीडिया से दूरी, धैर्य और सही दिशा में मेहनत ही दिलाती है सफलता” – बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा और अन्य अधिकारी क्लासरूम में आगे की पंक्ति में बैठे हुए, पीछे की पंक्तियों में नीट, नर्सिंग, पीएटी के छात्र-छात्राएं बैठे हैं – कलेक्टर छात्रों से परीक्षा तैयारियों पर संवाद कर रहे हैं
जगदलपुर। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा (आगे बैठे) ज्ञानगुड़ी कोचिंग सेंटर में नीट, नर्सिंग, पीएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ। तस्वीर में आगे की पंक्ति में कलेक्टर व अन्य अधिकारी (ओआईसी अलेक्जेंडर एम चेरियन, जी श्रीनिवास राव, मनीष श्रीवास्तव, संजीव बिस्वास) तथा पीछे की पंक्तियों में छात्र-छात्राएं मौजूद हैं। कलेक्टर ने सोशल मीडिया से दूरी, धैर्य और सही दिशा में मेहनत पर जोर दिया।

जगदलपुर। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने शनिवार को ज्ञानगुड़ी स्थित कोचिंग सेंटर का दौरा किया, जहां नीट, नर्सिंग, पीएटी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया।

कलेक्टर ने अपने बचपन के अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को बताया कि सही दिशा में धैर्यपूर्वक की गई मेहनत ही सफलता की कुंजी है


अवसर को तुरंत भुनाएं, बाद में पछताने से रहे बचें

कलेक्टर छिकारा ने कहा कि जो अवसर आपके सामने हैं, उन्हें तुरंत ग्रैब करें।

“अवसर चूकने के बाद ‘काश ऐसा कर लेता’ सोचने का कोई फायदा नहीं है। आपके सामने नीट, नर्सिंग, पीएटी जैसी परीक्षाएं हैं – उन्हीं पर फोकस करें।”

उन्होंने तैयारी की रणनीति समझाते हुए कहा –

  • पहले सरल भाग को पढ़ें, फिर मध्यम और अंत में कठिन प्रश्नों को लें।

  • इगो से दूर रहें – यदि कोई सरल प्रश्न याद न आए तो उसे छोड़कर आगे बढ़ें और अंत में लौटें।


एक बुक दस बार पढ़ें, दस बुक एक बार नहीं

कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि गहराई से पढ़ना ज्यादा जरूरी है –

“दस किताबें एक बार पढ़ने से अच्छा है, एक किताब को दस बार पढ़ें।”

उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन 300-400 MCQ हल करने की सलाह दी, ताकि प्रैक्टिस से प्रश्न सरल लगने लगें।


सबसे बड़ा रोग – ‘क्या कहेंगे लोग’ – से दूर रहें

कलेक्टर ने छात्रों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया और अन्य विकर्षणों से दूर रहें।

“सबसे बड़ा रोग ‘क्या कहेंगे लोग’ है। इससे दूर रहें। अपनी खुशी के लिए, अपने माता-पिता और गुरुजनों को गिफ्ट देने के लिए पढ़ाई करें।”

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा तक मोबाइल माता-पिता को दे दें और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही उपयोग करें।


बॉडी क्लॉक को परीक्षा के अनुसार सेट करें

एक अहम सुझाव देते हुए कलेक्टर ने कहा –

“यदि परीक्षा दो से पांच बजे तक है, तो उसी समय के आसपास छह-सात घंटे पढ़ाई करें। इससे परीक्षा के दिन आपका शरीर और मस्तिष्क दोनों सेट रहेंगे।”

उन्होंने प्रतिदिन 10-15 मिनट की हल्की फिजिकल एक्सरसाइज को भी जरूरी बताया, ताकि शरीर रिफ्रेश रहे।


अमीर-गरीब का फर्क पढ़ाई में मिट जाता है

कलेक्टर ने कहा कि पढ़ाई एक ऐसा क्षेत्र है जहां अमीर और गरीब बराबर हो जाते हैं।

“अपना लक्ष्य ऊंचा रखेंगे तो ऊपर ही पहुंचेंगे। छोटा गोल रखेंगे तो नीचे ही रहेंगे।”

उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि यदि कोई परेशानी हो तो वे जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं – हर समस्या का समाधान किया जाएगा।


कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर

  • ओआईसी अलेक्जेंडर एम चेरियन

  • जी श्रीनिवास राव

  • मनीष श्रीवास्तव

  • संजीव बिस्वास

उपस्थित रहे।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

Post a Comment

Previous Post Next Post