छत्तीसगढ़ में पदोन्नति में 32% आरक्षण को लेकर बड़ी खबर, आयोग अध्यक्ष ने राज्यपाल से की मुलाकात
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने सोमवार को राज्यपाल रमेन डेका से राजभवन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में लोक सेवाओं की पदोन्नति में अनुसूचित जनजाति के लिए 32% आरक्षण लागू करने का एक अनुशंसा प्रस्ताव सौंपा।
राज्यपाल से इन बिंदुओं पर दिया प्रस्ताव
आयोग अध्यक्ष मंडावी ने राज्यपाल को दिए प्रस्ताव में कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 3 मार्च, 2023 को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे।
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी 1 मई, 2023 के एक अंतरिम आदेश में छत्तीसगढ़ लोक सेवाओं की पदोन्नति में 32% आरक्षण प्रदान करते हुए आरक्षण रोस्टर का पालन करने का आदेश पारित किया था।
मंडावी ने आरोप लगाया कि इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, राज्य सरकार द्वारा यह आरक्षण प्रदान नहीं किया जा रहा है।
संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख:
आयोग अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की इस देरी के कारण संविधान के अनुच्छेद 16(4-क), 16(4-ख) और अनुच्छेद 335 में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए लोक सेवाओं में पदोन्नति पर आरक्षण के प्रावधानों का पालन नहीं हो पा रहा है। ये अनुच्छेद सरकारी नौकरियों में आरक्षण और पदोन्नति में एसटी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करते हैं।
राज्यपाल ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन:
इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राज्यपाल रमेन डेका ने गंभीरता दिखाई है। मीटिंग के दौरान उन्होंने आयोग अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी को इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में मिलने वाले आरक्षण के मुद्दे पर जल्द ही एक सकारात्मक नतीजा आने की उम्मीद जगी है।
