RSS का गृह संपर्क अभियान: शताब्दी वर्ष पर दंतेवाड़ा के घर-घर में गूंज रहे हैं 'पांच परिवर्तन के संकल्प'
गीदम (दंतेवाड़ा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष गृह संपर्क अभियान चला रहा है। संघ के जिला दंतेवाड़ा इकाई द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संघ के विचार, उसके कार्य और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बनाए गए संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाना है।
इसके तहत जिला स्तर के पदाधिकारी और स्वयंसेवक गाँव-गाँव और मोहल्लों में दस्तक देकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।
क्या हैं "पांच परिवर्तन के संकल्प"?
स्वयंसेवकों द्वारा परिवारों तक पहुँचाए जा रहे इन संकल्पों में पाँच मुख्य बिंदु शामिल हैं:
सामाजिक सद्भाव और समरसता: समाज में एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करना।
स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भर समाज: लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और एक स्वावलंबी समाज की स्थापना करना।
पर्यावरण संरक्षण एवं जल-सुरक्षा: पर्यावरण की रक्षा और जल संरक्षण को बढ़ावा देना।
परिवार प्रबोधन – संस्कारित एवं सशक्त परिवार: परिवारों को संस्कारवान और मजबूत बनाने पर जोर।
सक्रिय नागरिकता – कर्तव्यनिष्ठ समाज निर्माण: लोगों को उनके नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना।
कैसे चलाया जा रहा है अभियान?
इस डोर-टू-डोर अभियान के दौरान स्वयंसेवक न केवल इन संकल्पों के बारे में बता रहे हैं, बल्कि लोगों को संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से जुड़ा साहित्य और पुस्तिकाएँ भी भेंट कर रहे हैं। इस संवाद का केंद्र बिंदु "व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण" की अवधारणा है।
अभियान का समाज पर प्रभाव
इस गृह संपर्क अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं:
समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संवाद और विश्वास का स्तर बढ़ रहा है।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और मजबूत हो रही है।
सामाजिक समरसता और एकता को एक नई दिशा मिल रही है।
संघ का मानना है कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और जिले के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।
