रानी दुर्गावती की बलिदान दिवस पर गोंड समाज ने दी श्रद्धांजलि, नन्ही बच्ची ने धारण की रानी की वेशभूषा
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| जगदलपुर | आदिवासी ध्रुव गोंड समाज ने रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर समाज को सशक्त बनाने पर चर्चा की गई। |
🛡️ रानी दुर्गावती का बलिदान: इतिहास का वह पन्ना
रानी दुर्गावती (5 अक्टूबर 1524 – 24 जून 1564) गोंडवाना साम्राज्य की रानी थीं। उन्होंने अपने राज्य की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। वे भारत की पहली महिला शासकों में से एक थीं, जिन्होंने मुगलों से लोहा लिया। उनकी वीरता और बलिदान की कहानी आज भी आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
👧 नन्ही बच्ची ने धारण की रानी की वेशभूषा
इस अवसर पर समाज की नन्ही बच्ची को रानी दुर्गावती की वेशभूषा से सुशोभित किया गया। यह उनके पराक्रम और शौर्य को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का एक अनूठा प्रयास था।
🤝 समाज को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन
जगदलपुर परिक्षेत्र के गोंड समाज के सदस्य एकत्रित हुए और समाज को सशक्त एवं संगठित बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सामाजिक एकता, शिक्षा और युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
👥 इन गणमान्यों ने लिया हिस्सा
इस अवसर पर समाज के संभागीय महासचिव लिलेश स्वर ध्रुव, परिक्षेत्र अध्यक्ष अशोक मंडावी, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश ध्रुव, महिला अध्यक्ष दयाबती ध्रुव, राधा ध्रुव, नीलम ध्रुव, अनिता ध्रुव, सुरूज नेताम, देव कुवर ध्रुव, इंद्रा नेताम, वेद प्रकाश ध्रुव, घनश्याम ध्रुव मरकाम, बोधनी बाई, नीलकंठ ध्रुव, खुशी राम ध्रुव, मीडिया प्रभारी रामनारायण ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
🔥 हाइलाइट्स
✅ गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया।
✅ 2 मिनट का मौन और श्रद्धांजलि दी गई।
✅ नन्ही बच्ची ने रानी की वेशभूषा धारण की।
✅ समाज को सशक्त और संगठित बनाने पर चर्चा।
✅ पथरागुड़ा स्थित साहु समाज भवन में आयोजन।
✅ आदिवासी ध्रुव गोंड समाज की मासिक बैठक के साथ समन्वय।
