Catch the Rain: बस्तर के दुर्गम पहाड़ों पर सीड बॉल से वनीकरण, 3.1 लाख जल संरचनाओं का विशाल अभियान शुरू

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🌧️ Catch the Rain: बस्तर के दुर्गम पहाड़ों पर 'सीड बॉल' से वनीकरण और जल संरचनाओं का विशाल जाल

📅 मानसून पूर्व विशेष, 2026 📍 जगदलपुर, बस्तर (छ.ग.) ✍️ विशेष संवाददाता
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भारत सरकार के जल शक्ति अभियान "Catch the Rain — जहाँ वर्षा गिरे, जब गिरे, वहीं सहेजें" के तहत बस्तर वनमंडल ने ऐतिहासिक पहल की है। 3.1 लाख से अधिक जल संरचनाओं और सीड बॉल तकनीक से दुर्गम पहाड़ियों पर हरियाली का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

जगदलपुर। भारत सरकार के जल शक्ति अभियान "Catch the Rain" के आह्वान पर, जगदलपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (CCF) आलोक तिवारी के मार्गदर्शन एवं वनमंडलाधिकारी (DFO) बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बस्तर वनमंडल द्वारा जल संरक्षण की एक विशाल कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। मानसून के आगमन से पूर्व, वनों के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने और भू-जल स्तर को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य जारी है।

बस्तर वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता एवं योगेश रात्रे वनकर्मियों को जल संरचना निर्माण की जानकारी देते हुए, कैच द रेन अभियान
जगदलपुर: वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता (बाएं) एवं वन विभाग के अधिकारी योगेश रात्रे (दाएं) वनकर्मियों को 'कैच द रेन' अभियान के तहत जल संरचनाओं (SCT, LBCD, ब्रश वुड चेक डैम) के निर्माण एवं सीड बॉल तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्देश देते हुए। बस्तर वनमंडल ने इस वर्ष 3.1 लाख से अधिक जल संरचनाओं का ऐतिहासिक लक्ष्य रखा है।
TARGET 2026
3.1 लाख+
पानी रोको संरचनाएँ निर्माण का लक्ष्य
⛰️

1.8 लाख SCT

Staggered Contour Trenches — पहाड़ी ढलानों पर बहते पानी की गति रोककर भूजल संचयन।

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1.3 लाख LBCD

Loose Boulder Check Dam — नालों में पत्थरों के छोटे बांध, मिट्टी कटाव रोकने में सहायक।

🌱 इनोवेटिव तकनीक

'सीड बॉल' से होगा दुर्गम पहाड़ियों पर वनीकरण

बस्तर वनमंडल में कैच द रेन अभियान के तहत तैयार की गई सीड बॉल्स - मिट्टी और खाद के आवरण में लिपटे बीज, दुर्गम पहाड़ियों पर वनीकरण के लिए उपयोगी
बस्तर वनमंडल की नवाचारी पहल: 'कैच द रेन' अभियान के तहत तैयार की गई सीड बॉल्स (Seed Balls)। मिट्टी, खाद एवं बीजों से बनी ये गोलियाँ मानसून की पहली बारिश के साथ बस्तर की दुर्गम एवं अत्यधिक ढलान वाली पहाड़ियों पर डाली जाएंगी, जहाँ पारंपरिक वृक्षारोपण संभव नहीं है। ये प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर हरित आवरण का विस्तार करेंगी।

बस्तर की उन दुर्गम एवं अत्यधिक ढलान (Steep Slopes) वाली पहाड़ियों पर, जहाँ पारंपरिक वृक्षारोपण संभव नहीं, वन विभाग 'सीड बॉल्स' का उपयोग कर रहा है। मिट्टी और खाद के आवरण में सुरक्षित इन बीजों को मानसून की पहली बारिश के साथ पथरीले इलाकों में डाला जाएगा, जो प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर हरित आवरण का विस्तार करेंगे

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वेस्ट टू वेल्थ

ब्रश वुड चेक डैम — सूखी टहनियों से नालों में बांध
कंटूर वुडन बंड — लकड़ियों को कंटूर लाइन में व्यवस्थित कर जल एवं मृदा संरक्षण

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अग्नि सुरक्षा

सूखी लकड़ियों के उपयोग से फ्यूल लोड कम होगा। इससे वनाग्नि की तीव्रता में भारी कमी आएगी।

📈

पूर्व कार्यों की सफलता

पिछले वर्षों में निर्मित SCT, LBCD और कंटूर स्टोन बंड के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं — स्थानीय नदी-नालों में जल प्रवाह बढ़ा, जल स्तर (Water Table) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

🎙️ अधिकारियों के वक्तव्य

"बस्तर की भौगोलिक स्थिति जल संवर्धन के लिए अत्यंत अनुकूल है। हमारा लक्ष्य वर्षा जल की हर बूंद को सहेजकर वनों को आत्मनिर्भर बनाना है।"

— आलोक तिवारी, मुख्य वन संरक्षक, जगदलपुर

"हमारा ध्यान केवल निर्माण पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर है। सीड बॉल तकनीक और जल संरक्षण संरचनाएं बस्तर के भविष्य के लिए संजीवनी साबित होंगी। इससे वन्यजीवों के लिए ग्रीष्मकाल में पेयजल की कमी नहीं होगी।"

— उत्तम कुमार गुप्ता, वनमंडलाधिकारी, बस्तर

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अभियान में जुड़ें

स्थानीय वन प्रबंधन समितियों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। वन विभाग समस्त नागरिकों से अपील करता है कि वे भी जल संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

अनुमोदित
उत्तम कुमार गुप्ता
वनमंडलाधिकारी, बस्तर वनमंडल, जगदलपुर (छ.ग.)

🌧️ Catch the Rain — Where it falls, when it falls | जल शक्ति अभियान 2026
© न्यूज़ पोर्टल | बस्तर पर्यावरण डेस्क

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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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